Guru Gyan

Thursday, 31 March 2016

Guru Gyan 11

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Guru Gyan 10

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Guru Gyan 9

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Guru Gyan 8

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मन को हम ही अविराम दौड़ते हैं ,जिस दिन हमने चाबी भरना बंदकिया , तब ही अस्तित्व के आंगन मे दृष्टा भाव का सूर्योदय हो जाएगा ।


मन की गति







प्श्चाताप








आंनद








Guru Gyan 7

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पश्चाताप करने वाले व्यक्ति की आत्मा पापों और अपराधों से अभिज्ञ हो जाती है और उसका विश्वास ईश्व्र के प्रति सशक्त हो जाता है।

अंतर्मन







पश्चाताप









दया भाव







Guru Gyan 6

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परोपकार कर हमें जो आत्मसंतोष और तृप्ति मिलती है , उससे हमारी सारी संपत्तियों की सार्थकता साबित होती है ।

परोपकार







आत्मज्ञान









भगवान का वास






Guru Gyan 4

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सब कार्य कराने वाला ब्रहा है , जो काम हो रहा है वह भी ब्रहा है और फिर उसका जो फल होगा , वह भी ब्रहा ही है ।

गुरु सेवा







वासना








ब्रहाभाव