Thursday, 31 March 2016

Guru Gyan 8

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मन को हम ही अविराम दौड़ते हैं ,जिस दिन हमने चाबी भरना बंदकिया , तब ही अस्तित्व के आंगन मे दृष्टा भाव का सूर्योदय हो जाएगा ।


मन की गति







प्श्चाताप








आंनद








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